खेलबिहार न्यूज़

पटना 6 अक्टूबर: बिहार क्रिकेट एसोसिएशन(अध्यक्ष गुट )द्वारा आगामी 8 एवं 9 अक्टूबर को 33 चयनकर्ताओं के लिए आवेदन करने वालो का इंटरव्यू बिहार की राजधानी पटना में होना है लेकिन उससे पहले बीसीए(सचिव गुट)द्वारा इंटरव्यू में भाग न लेने के लिए एक सूचना जारी की गई है।

इस सूचना से 33 सेलेक्टरों के लिए आवदेन करने वाले में से एक ने फ़ोन पर खेलबिहार से पूछा “सर एक ओर इंटरव्यू के लिए समय और तिथि की घोषणा कर दी गई है दूसरी ओर इसमें शामिल न होनी की सूचना दी गई है ऐसे में क्या करे?

आपको बात दे कि यह अभी शुरुआत है आगे अगर बीसीए ऐसे ही दो गुटों में बटा रहा तो आगे खिलाडियों को भी ऐसे ही सूचना जारी किया जाएगा क्यों कि अभी बीसीए में गुटबाजी ख़त्म नही हुई है और जबतक ऐसा रहेगा ऐसी सूचना मिलती रहेगी।

दरसल बीसीए सचिव ने बीसीए की .इन वाले वेबसाइट पर एक सूचना जारी की है जिसमे कहा गया है कि 8 और 9 अक्टूबर को असंवैधानिक रूप से आहुत चयनकर्ताओं के साक्षातकार में भाग लेने वालों पर की जायेगी कानूनी कार्रवाई। यह सूचना पूर्व खिलाड़ियों को लेकर जारी की गई है।

जिसके बाद पूर्व खिलाड़ी भी सोचने लगे है कि आख़िर ऐसे में क्या करना चाहिए? एक ओर तो बीसीए .कॉम वेबसाइट पर सूचना जारी कर इंटरव्यू के समय एवं तिथि जारी की दूसरी ओर .इन वाले पर करवाई करने की बात कही गई है।

सचिव द्वारा जारी सूचना में बताया गया कि 30 अगस्त 2020 को एजीएम में बीसीए अध्यक्ष एवं संयुक्त सचिव को बर्खास्त कर दिया गया अतः इन दोनों द्वारा किए गए कोई भी कार्य कानूनी रूप से सही नही है इसलिए पूर्व खिलाड़ियों को सूचित किया जाता है कि इस इंटरव्यू में शामिल होने की सूचना किन्ही के द्वारा अगर प्राप्त होता है तो उसपर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

बिहार के क्रिकेट प्रेमी बताते है कि यह अभी शुरुआत है देखते जाए अगर ऐसा ही रहा तो आगे जब खिलाड़ियों का चयन कैम्प या ट्रायल के लिए किया जाएगा उस समय भी ऐसे ही खिलाड़ियों को ससपेंड करने की बात दोनों गुट द्वारा किया जाएगा।अध्यक्ष गुट में शामिल होने पर सचिव गुट सस्पेंड करेगा और सचिव गुट में शामिल होने पर अध्यक्ष गुट खिलाड़ियों सस्पेंड करेगा।

इस बात पर आगे बताते हुए क्रिकेट जानकर एवं क्रिकेट प्रेमी बताते है कि बीसीसीआई को जल्द-से-जल्द बच्चों के भविष्य के लिए कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए।