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19 अक्टूबर: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने देश में घरेलू क्रिकेट की वापसी का रोडमैप तैयार कर लिया है. बीसीसीआई ने जानकारी दी है कि कोरोना वायरस की वजह से रणजी ट्राफी के 2020-21 के सीजन का आयोजन बायो बबल में होगा. फरवरी के बाद से ही भारत में क्रिकेट नहीं खेला जा रहा है.

लेकिन अब घरेलू सीजन का आयोजन केवल उन्हीं शहरों में इसका आयोजन किया जाएगा, जिनमें कम से कम तीन मैदान, पर्याप्त होटल और आपातकाल के लिए अच्छे अस्पताल हों. मैचों के दौरान स्टेडियम में दर्शकों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.

रणजी ट्रॉफी के प्रारुप में बदलाव किया जाएगा और यह चार ग्रुपों के बजाय यह टूर्नामेंट जोन के आधार पर खेला जाएगा. इसका मतलब है कि लीग मैचों के लिए एक जोन की टीम को एक ही शहर में इकट्ठा होना होगा.

बायो बबल में होंगे सारे टूर्नामेंट

बीसीसीआई की शनिवार को हुई मीटिंग में यह फैसले लिए गए. एक सूत्र ने कहा, ” कोविड-19 के कारण 2020-21 के घरेलू सत्र में बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है क्योंकि कोई नहीं जानता कि हम सभी के लिए क्या सही है. फिर भी, हमने जनवरी में रणजी ट्रॉफी और संभवत : सीनियर महिला टूर्नामेंट के लिए अस्थायी रूप से कराने का फैसला किया है. किस तारीख से यह शुरू होगा इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है लेकिन इसे अगले साल की शुरुआत में खेला जाएगा. हालांकि, जनवरी में यह कोविड की स्थिति पर निर्भर करेगा.”

उन्होंने कहा, “रणजी ट्रॉफी का पुराना प्रारूप बदल जाएगा और मैच अब बायो-बबल और प्रत्येक जोन के एक शहर में खेले जाएंगे ताकि टीमों और मैच अधिकारियों को होटल और मैदान के बीच कम से कम दूरी तय करनी पड़े. शहरों को चुनने की शर्त यह है कि उनके पास आपातकाल के लिए कम से कम तीन अच्छे कोविड अस्पताल होने चाहिए. किसी भी दर्शक को मैदान में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी.”

बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि अगले साल मार्च-अप्रैल तक जूनियर लेवल के टूर्नामेंट का आयोजन नहीं होगा.

आम तौर पर घरेलू क्रिकेट अगस्त के बीच में शुरू होती है. पिछले साल इसकी शुरुआत दिलीप ट्रॉफी के साथ 17 अगस्त को हुई थी जबकि रणजी ट्रॉफी नौ दिसंबर से शुरू हुई थी. रणजी ट्रॉफी में 38 टीमें भाग लेती है और इसे छह क्रिकेट जोन में बांटा गया है, जिसमें ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ, साउथ, सेंट्रल और नई नॉर्थ-ईस्ट जोन की टीमें शामिल है.