22 अक्टूबर: राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 13वें सीजन के 40वें मैच में आज आमने-सामने होंगी. दोनों टीमों के लिए अगर प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना है तो यह मैच हर हाल में जीतना होगा. यह मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा.

इसी मैदान पर दोनों टीमों के बीच पहला मैच खेला गया था, जहां राहुल तेवतिया और रियान पराग ने मिलकर राजस्थान को हार के रास्ते से बाहर निकाल जीत दिलाई थी. अब एक बार फिर राजस्थान अपने पुराने प्रदर्शन को जारी रखने की कोशिश करेगी

पिछले मैच में टीम ने जिस तरह का प्रदर्शन किया था उससे वह आत्मविश्वास से लबरेज होगी. गेंदबाजी में खासकर, क्योंकि टीम ने चन्नई को बड़ा स्कोर खड़ा करने नहीं दिया था. चेन्नई 20 ओवरों में सिर्फ 125 रन ही बना सकी थी. जोफ्रा आर्चर, कार्तिक त्यागी ने अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन सबसे ज्यादा असरदार श्रेयस गोपाल और तेवतिया रहे थे. गोपाल ने चार ओवरों में 14 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया था जबकि तेवतिया ने चार ओवरों में 18 रन ही खर्च किए और एक विकेट लिया था.

हैदराबाद के खिलाफ टीम इन दोनों से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद करेगी. आईपीएल में अब स्पिनरों के हिसाब की पिचें देखी जा सकती हैं और इसलिए राजस्थान के कप्तान स्टीव स्मिथ के लिए गोपाल-तेवतिया की जोड़ी एक बड़ा हथियार होगी. वहीं बल्लेबाजी में जोस बटलर को मध्य क्रम में लाना टीम के लिए पिछले मैच में तो काम कर गया था. बटलर ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली थी और टीम को जीत दिलाई थी. स्मिथ ने भी उनका बखूबी साथ दिया था.

रॉबिन उथप्पा और संजू सैमसन विफल रहे थे. बेन स्टोक्स भी कुछ खास नहीं कर पाए थे. बतौर सलामी बल्लेबाज उथप्पा खतरनाक बल्लेबाज हैं और टीम उन्हें इसी तरह इस्तेमाल करती है तो यह टीम और उथप्पा दोनों के लिए अच्छा होगा. बीते दो मैचों में तो टीम ने उन्हें सलामी बल्लेबाज के तौर पर ही भेजा है और उम्मीद की जा सकती है कि यह क्रम लीग के आने वाले मैचों में भी जारी रहेगा. बेन स्टोक्स से हालांकि अभी तक बड़ी पारी देखने को नहीं मिली है.

स्टोक्स खुद भी बड़ी पारी खेलने को लेकर उत्सुक होंगे. संजू सैमसन को अपनी फॉर्म में लौटना होगा. वह ऐसे खिलाड़ी हैं जिनपर टीम काफी हद तक टिकी हुई है और वह टीम की बल्लेबाजी की अहम कड़ी हैं. जहां तक हैदराबाद की बात है तो यह देखना होगा कि डेविड वार्नर इस मैच में कहां बल्लेबाजी करने आते हैं. पिछले मैच में वह सलामी बल्लेबाजी करने नहीं आए थे. जॉनी बेयरस्टो के साथ केन विलियम्सन उतरे थे और वार्नर नंबर-4 पर उतरे थे.

उनका नीचे आना टीम के लिए अच्छा रहा था. हैदराबाद हारती दिख रही थी, लेकिन वार्नर ने आखिरी ओवर में बाजी पलट मैच को सुपर ओवर में पहुंचा दिया था. सुपर ओवर में हालांकि हैदराबाद को हार ही मिली थी. मनीष पांडे और केन विलियम्सन, दो ऐसे बल्लेबाज हैं जो टीम की बल्लेबाजी की धुरी हैं. इन दोनों का चलना टीम के लिए जरूरी है.

निचले क्रम में टीम के पास कोई बड़ा नाम नहीं है इसलिए जरूरी है कि शीर्ष-4 में से कोई न कोई अंत तक टिका रहे ताकि वह युवा खिलाड़ियों के साथ मिलकर अंत में तेजी से रन बना सके. हैदराबाद अधिकतर मैचों में ऐसा कर पाने में असफल रही है, लेकिन टीम की बेहतरी के लिए यह जरूरी है.

गेंदबाजी में टीम की अगुआई राशिद खान कर रहे हैं. भुवनेश्वर कुमार के चोटिल हो जाने के बाद संदीप शर्मा, टी. नटराजन ने टीम को उनकी कमी ज्यादा खलने नहीं दी है. दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए इस मैच में जीत जरूरी है. दोनों टीमें इस बात को बखूबी जानती हैं और इसलिए एक और रोमांचक मैच की उम्मीद की जा सकती है. हैदराबाद नौ मैचों में तीन जीत, छह हार के साथ छह अंक लेकर सातवें स्थान पर है. राजस्थान 10 मैचों में चार जीत, छह हार के साथ आठ अंक लेकर छठे स्थान पर बनी हुई है.