लोढा समिति के बनाए नियम “हितों के टकराव” को कचरे के डब्बे में फेंक देना चाहिए: पूर्व क्रिकेटर मदन लाल
मुंबई 25 दिसंबर: पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज मदन लाल ने रवि शास्त्री के बयान का समर्थन किया है, जहां उन्होंने कहा था कि बीसीसीआई को हितों के टकराव नियम को डस्टबिन में फेंक देना चाहिए।हितों के टकराव नियम के मुताबिक पूर्व खिलाड़ी प्रशासन में एक जिम्मेदारी करते हुए विभिन्न भूमिकाओं को निभा नहीं सकता है।
मदन लाल ने एएनआई से कहा, ‘रवि शास्त्री ने जो कहा, उसका पूरा समर्थन करता हूं। लोढा समिति ने दो नियम बनाए, जिसमें से एक है हितों का टकराव। इसे कचरे के डब्बे में फेंक देना चाहिए। यह क्रिकेट में औसत दर्जे को लेकर आया और जो लोग ऑफिस में हैं, उनसे आसानी से संपर्क किया जा सकता है। पूर्व क्रिकेटरों को ऑफिस में पोजीशन पर रहना चाहिए क्योंकि वो खेल और बोर्ड की इज्जत को बरकरार रखेंगे।’
मदन लाल ने आगे कहा, ‘दूसरी बार उम्र को 60 से 65 से बदलना चाहिए। मैं कहूंगा कि उम्र समूह 70 से ज्यादा होना चाहिए। क्रिकेटर्स फिट हैं और सभी जिम्मेदारियां निभा सकते हैं। हमें बोर्ड में अच्छे लोगों की जरूरत है, जिनसे आसानी से संपर्क नहीं किया जा सकता है। हमारे बोर्ड में हमेशा से अच्छे लोग रहे हैं, जिन्होंने न सिर्फ अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बीसीसीआई को महंगी इंडस्ट्री बनाया।’



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