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लखन राजा का ही नाम क्युं उछालते हैं बीसीए से जुड़े लोग वो कौन से दुध के धुले है- मो.अरसद जेन
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पटना।। लखन राजा के नाम को बार बार लेने की असल वजह जान ने के लिए हमे थोड़ा पिछे जाकर विस्तार से जान ने की जरूरत है।आज जब बीसीए के दलालों की दुकान बीसीसीआई ने बंद करदी है और अलोक कुमार (रिटायर्ड आईपीएस) की अध्यक्षता मे एक एडवाइजरी कमिटी अब बिहार के क्रिकेट को चला रही है जिसका काम बिहार के लिए टीम चयन करने से लेकर हर तरह की क्रिकेट मे होने वाले दिक्कतों को दुर करते हुए बिहार मे क्रिकेट का एक अच्छा माहौल बनाना है।
जहाँ तक हमे जानकारी है बीसीए द्वारा राज्य टीम के चयन मे बाहरी खिलाड़ियों से लाखों रुपय लेकर चयन करने का एक धंधा चल पड़ा था जिसमें करोड़ों की आमदनी बीसीए से जुड़े कुछ खास लोगों को हो रही थी जो बिहार के क्रिकेट को अपनी बपौती जागीर समझ बैठे थे जिसने पैसे दिये वो रिचार्ज हो जाता था और किसी जिले से रजिस्ट्रेशन हो न हो लीग खेला हो न खेला हो उसका चयन बिहार टीम मे होरही थी जिसका खुलासा न्युज़18 ने स्ट्रिंग ऑपरेशन द्वारा किया था।


बादमें सीएबी के मुजफ्फरपुर सचिव आलमगीर ने गाँधी मैदान थाने मे बीसीए सचिव, कोषाध्यक्ष, अध्यक्ष, सचिव के राईट हैंड डीके त्रिपाठी , सिनियर टीम के चयनकर्ता निरज इत्यादि लोगों पर 420 का एफआईआर दर्ज कराया है।
सीएबी के सचिव आदित्य वर्मा बिहार के क्रिकेट मे करप्शन के खिलाफ हमेशा रहे हैं जिसके फलस्वरूप आज उनके बेटे युवा उदयमान क्रिकेटर लखन राजा का नाम बदनाम करने की कोशिश लगातार करते रहते हैं कभी चयन होने के नाम पर तो कभी फर्जी कॉल रिकार्डिंग के नाम पर।
ये थी बिहार के बेटे उभरते क्रिकेट लखन राज का नाम बार बार उछालने की असल वजह ।
सोशलमीडिया पर बीसए जुड़े लोग ही ये अफवाह फैलाते रहे हैं क्योंकि उनकी दुकानदारी लखन राजा के पिता बिहार के माटी के लाल आदित्य वर्मा के कारण ही अब बंद हो चुकी है :
मेरे कुछ सवाल हैं इंसानियत के नाते आपलोग भी सोंचकर जवाब दें:
- बिहार का बेटा एक उदयमान क्रिकेट आखिर बिहार से क्रिकेट क्युं न खेले (वो संतोष ट्राफी फुटबॉल तो नही खेलता वो तो एक शुध्द क्रिकेटर ही है….??
- अगर आदित्य वर्मा ने बीसीए में चलरहे बाहरी खिलाड़ी को पैसे लेकर चयन करने के मामले को उठाया और बिहार के क्रिकेटरों के लिए लड़ाई लड़ी है तो इसमें क्या गलत है ।
- लखन राजा तो बिहार का ही बेटा है।
- लखन राजा ने बिहार अण्डर23 खेला है वो तो वैसे भी रजिस्टर्ड खिलाड़ी है।
- बिहार रंजी टीम के 90% से ज्यादा खिलाड़ी जिला लीग नही खेलते एक लखन राजा ही क्युं.??
- जब बीसीसीआई के एडवाइजरी कमीटी ने बीसीए खत्म करके बिहार के खिलाड़ियों का नाम माँगा था तो इसमें बीसीए रजिसटर्ड प्लेयर क्या होता है।
- क्या बीसीए के पदाधिकारियों के बेटे , रिशतेदार और पैसे पर बाहरी खिलाड़ियों का चयन नही हुआ..?
- जब बीसीए के वकील राजेश कुमार का बेटा अण्डर16 , बिहार प्लेयर एशोसिएशन के अध्यक्ष मिर्तयुंजय तिवारी के पुत्र मलय राज अण्डर19, बीसीए के संतोष झा के बेटे अभिजीत साकेत रणजी ट्राफी खेल सकते हैं तो लखन राजा क्युं नही..?? ये तो मात्र उदाहरण हैं लिस्ट तो बहौत लम्बी है पैसे, पैरवी, परिवार और पदाधिकारियों के बेटों का जरूरत पड़ेगी तो सबका लिस्ट दुंगा।
- हर कोई माँ बाप या परिवार के लोग अपने बच्चों को जहाँ तक होता है सपोर्ट करते हैं मदद करते हैं और ये सच भी है के हम आप भी अपने बच्चों का सपोर्ट करते ही हैं इसका मतलब तो ये नही के बीसीसीआई से आये पुर्व भारतिये खिलाड़ियों के चयन पर ही सवाल सिर्फ इसलिए खड़ा करें की लखन राजा आज अपनी कड़ी मेहनत और टायलेंट से चयनित हो जाये तो आपलोग सवाल उठायेंगे..??
और एक अंतिम बात बिहार के बच्चों को न जाने कितने वर्ष लग जाते बीसीसीआई के चयनकर्ताओं के आगे ट्रायल देने में ये तो आदित्य वर्मा की ही सच और बिहार के खिलाड़ियों के हक की लड़ाई का नतीजा है के आज बिहार बच्चे बीसीसीआई के चयनकर्ताओं के आगे निस्पक्ष ट्रायल दे पारहे हैं जिनके आगे न पैरवी न पैसा और न रिशतेदारी चलती है जो खेलने के काबिल होगा उसका ही चयन होगा।
आप देख लिजयेगा कितने रणजी खेलने वाले हीरो टीम मे नही रहेंगे..जो पैसे पैरवी के बल पर बिहार के रणजी खिलाड़ियों गिना रहे थे।
आप सभी से निस्पक्ष होकर बिहार के बेटे लखन राजा के लिए शुभकामनाएं चाहता हुं और सिर्फ लखन राजा ही नही बिहार के हर उस खिलाड़ी के लिए शुभकामनाएं चाहता हुं जिनके अंदर प्रतिभा है और जिनका चयन बिहार क्रिकेट के दलाल पैसा और पैरवी न होने के कारण नही करते थे।



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