अलीगढ(यूपी) 14 अगस्त: अलीगढ सोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा बीते 9 अगस्त को जिले के अंडर-19 खिलाड़ियों का ट्रायल आयोजित किया गया था। अब कुछ दिन बाद ही इस ट्रायल में हुए खिलाड़ियों के चयन पर सवाल उठने लगे है। सवाल अलीगढ क्रिकेट एकेडमी के कोच अजय शर्मा ने उठाया और संघ पर तानाशाही, मनमर्जी सूत गोरखधंधा चलाने का आरोप लगया है। अजय शर्मा ने इसकी शिकायत बीसीसीआई और यूपीसीए से मेल के माध्यम से किया है।
अजय शर्मा के अनुसार ट्रायल में अलीगढ क्रिकेट के चयनकर्ता खिलाड़ियों का भविष्य सिर्फ 4 बॉल या 6 बॉल में ही तय कर दिए है। खिलाड़ियों को ट्रायल में सिर्फ चार बॉल फेंकने के लिए दिया गया और 6 बॉल खेलने के लिए दिया गया। उन्होंने कहा” पिछले कुछ वर्षों से अलीगढ़ में क्रिकेट के नाम पर तानाशाही और मनमर्जी का गोरखधंधा चल रहा है जो भी खिलाड़ी ट्रायल देने जाते हैं उनको एसोसिएशन अपनी एकेडमी (अलीगढ़ क्रिकेट स्कूल) में एडमिशन लेने के लिये दवाब बनाते हैं । चयन के समय अपनी एकेडमी के खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है ।
ट्रायल लेने के लिये अलीगढ़ में एकेडमी चलाने वाले लोगों को चयनकर्ता बना दिया जाता है ट्रायल मैचों में अंपायरिंग के लिये एकेडमी संचालको को खड़ा कर दिया जाता है उनके लड़के भी उन मैचों में खेल रहे होते हैं ऐसे में अन्य एकेडमी के खिलाड़ियों के साथ अन्याय होता है ये लोग अपने लड़को के पक्ष में फैसले देते हैं ।आज खेले गए मैच में रिज़वान खान(प्लेयर्स चॉइस क्रिकेट एकेडमी) के कोच हैं दूसरे अंपायर अमित सिंह (अलीगढ़ क्रिकेट स्कूल ) के फिटनेस कोच हैं ट्रायल आने वाले खिलाड़ियों से सबसे पहले ये पूंछा जाता है कि वो कहाँ अभ्यास करते हैं उसके हिसाब से उनके प्रदर्शन को परखा जाता है ।
9 अगस्त को हुए अंडर 19 के ट्रायल में करीव 350 लड़कों ने भाग लिया ये ट्रायल 3 घण्टे में पूरा हो गया लड़कों को चार चार गेंदें फिकवा कर हटा दिया गया कुछ बल्लेबाजों को सर्फ 6 गेंदें खिलाई गईं अन्य एकेडमी के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के भविष्य का फैसला चार छह गेंदों में हो गया और उनकी खुद की एकेडमी में अभ्यास करने वाले चार चार बार बोल्ड होकर भी टीम में चुने गए हैं ।जीतू सिंह(आईपीएल खिलाड़ी रिंकू सिंह का भाई) 3 वर्ष पहले अंडर 16 में ओवर एज हो गया था लेकिन उसे अब अंडर 19 का ट्रायल दिलाया गया है क्योंकि वह अलीगढ़ क्रिकेट स्कूल में अभ्यास करता है।
जबकि इन आरोपों पर एक अख़बार ने अलीगढ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव अब्दुल बहाव से पूछा गया तो उन्होंने कहा” ट्रायल में चयनकर्ता रणजी खिलाडी और कानपूर से आए। इसमें अलीगढ स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कोई भूमिका नहीं है। जो भी आरोप लगाए जा रहे वह बबुनियाद और झूठी है।
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