Loading Now
×

देखे ड्राइवर के बेटे नवदीप सैनी की स्ट्रगल क्रिकेट कहानी, क्लिक कर पढ़े।

पटना।। नवदीप सैनी हरियाणा से हैं, लेकिन दिल्ली के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं. नवदीप को इस समय भारत का सबसे तेज़ गेंदबाज़ माना जाता है. स्पीड भी ऐसी कि बल्लेबाज़ की रोंगटे खड़े हो जाएं. नवदीप 150 किमी प्रति घंटे की स्पीड से गेंद फेंकते हैं. 

नवदीप के लिए हरियाणा के गली मोहल्लों से निकलकर टीम इंडिया तक का सफ़र बेहद मुश्किलों भरा रहा. पिता सरकारी विभाग में ड्राइवर थे. परिवार की आमदनी इतनी नहीं थी कि वो क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग कर सकें, लेकिन उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून का जारी रखा. नवदीप ने शरुआत टेनिस बॉल से की, इस दौरान उन्हें एक मैच के 200 रुपये मिलते थे.  

5de6ea8d-82fe-479f-b1b4-1e73113e599a देखे ड्राइवर के बेटे नवदीप सैनी की स्ट्रगल क्रिकेट कहानी, क्लिक कर पढ़े।

इसके बाद नवदीप को ‘करनाल प्रीमियर लीग’में खेलने का मौक़ा मिला. इस दौरान नवदीप के पास खेलने के लिए अच्छे स्पोर्ट्स शूज भी नहीं हुआ करते थे. लेकिन जब इंसान कड़ी मेहनत करता है तो, एक न एक दिन उसे फल ज़रूर मिलता है. नवदीप के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ.  

e567bfc2-7b1c-426a-84ed-5dde53e5267f देखे ड्राइवर के बेटे नवदीप सैनी की स्ट्रगल क्रिकेट कहानी, क्लिक कर पढ़े।

‘करनाल प्रीमियर लीग’ के दौरान गौतम गंभीर ने 15 मिनट के लिए उनकी गेंदबाज़ी देखी थी. फिर तय कर लिया कि उन्हें हर हाल में दिल्ली की टीम में शामिल करना है. नवदीप हरियाणा से थे और दिल्ली के लिए कोई भी टूर्नामेंट खेले नहीं थे, इसलिए दिल्ली की टीम में किसी बाहरी का खेलना नामुमकिन सा लग रहा था, लेकिन गंभीर उनके लिए डीडीसीए तक से भीड़ गए.  

आख़िरकार तमाम मुश्किलों के बाद साल 2016 में नवदीप को दिल्ली के लिए खेलने का मौका मिला. नवदीप ने गंभीर के विश्वास को कायम रखा और 2017-18 रणजी सीजन में 8 मैचों में कुल 34 विकेट चटकाकर सबकी निगाहों में आ गए. इसके बाद वो घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे. साल 2018 में उन्हें अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में चुना गया था, लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला.   

Share this content:

खेल के हर खबर पर पैनी नज़र और सही उद्देश्य से लोगो तक पहुँचाने में सक्षम है खेलबिहार। संपर्क करे :9123473681

Post Comment

🔒 Security Check
2 × 6 = ?