पूछता है बिहार? गेंदबाजो की ख़ोज ट्रायल से होनी चाहिए या मैच के प्रदर्शन से, देखें उठते सवाल
PATNA: पूछता है बिहार में एक सावल बिहार क्रिकेट एसोसिएशन व उनके मैनेजमेंट से? सवाल उठ रहे है गेंदबाजो की ख़ोज को लेकर जो प्रकिया बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने शुरू की ट्रायल के माध्यम से उस पर।
हालांकि इस बीसीए कदम कि सहराहना बिहार क्रिकेट जगत खूब हो रही है कि अब बीसीए अच्छी पहल कर रहा है और क्रिकेट का विकास करने के लिए अच्छी कदम उठा रहा है लेकिन सवाल तो उठेगा भी?
सवाल यह है कि ” क्या गेंदबाजो कि क्षमता ट्रायल में 1,2,3.. ओवर नेट में डलवाकर अच्छी तरह से जाँची जा सकती है या घरेलु क्रिकेट के मैचों में अच्छी प्रदर्शन से जाँची जा सकती है।

अगर ट्रायल के माध्यम से ही टीम में या बिहार राज्य टीम में जगह बनाया जा सकता है तब तो बच्चे बीसीए के सभी ग्रुप के घरलू टूर्नामेंट ना खेलकर ट्रायल दे और उसका चयन हो जाये? वैसे BCA का यह नहीं कहना है कि घरेलु टूर्नामेंट में खेलने वाले बच्चों का प्रदर्शन को अनदेखा किया जायेगा लेकिन अगर ट्रायल है तो इसमें वह भी बच्चे आएंगे जिन्होंने घरेलु टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
लेकिन क्रिकेट के जानकार तो यही कहते है कि ” BCA को आपने घरेलु टूर्नामेंट समय से खत्म करना चाहिए और उससे ही बच्चों को प्रदर्शन को देखते हुई चयन करना चाहिए और विशेष कैंप लगाना चाहिए और उसकी गेंदबाजी स्कील को और सुधारना चाहिए ताकि अन्य राज्य के बच्चों को टक्कर दे सके और इंडिया टीम में जगह बना सके।
ट्रायल के माध्यम से हम गेंदबाज के गति और लाइन चेक कर सकते है लेकिन घरेलु टूर्नामेंट में गेंदबाज अपनी लाइन लेंथ और स्पीड situation( प्रस्थिति) के अनुसार गेंदबाजी करता है उस समय उस बैटर के लिए क्या लाइन और क्या स्पीड ठीक होगा इसलिए बीसीए को प्रदर्शन को महत्व देना चाहिए.
सवाल यह भी क्या अब गेंदबाजो की ख़ोज के बाद, बैटर (बल्लेबाज), विकेट कीपर की भी ख़ोज होंगी और उसे भी विशेष कैंप दिया जायेगा? सवाल तो है जबाब जल्द मिलने की उम्मीद BCA से बिहार क्रिकेट करता है?
हालांकि बीसीए द्वारा जारी प्रेस विग्यप्ति में जिक्र है कि ” यह पहल न केवल राज्य की छिपी हुई गेंदबाजी प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को विश्वास है कि इस आयोजन से राज्य को भविष्य के लिए नई गेंदबाजी क्षमताएं प्राप्त होंगी, जो बिहार क्रिकेट की पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाएंगी।



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