क्रिकेट डेस्क : पांच साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू करने वाली एशले एक क्रिकेटर भी रह चुकी हैं। उन्होंने 2015-16 में महिला बिग बैश लीग में ब्रिस्बेन हीट का प्रतिनिधित्व किया था। उस समय वह टेनिस से ब्रेक पर थीं। हालांकि नौ मैचों में 68 रन बनाने के बाद वह संतुष्ट नजर नहीं आई और फिर 2016 में टेनिस में लौट आई।
अब ऑस्ट्रेलिया की विश्व नंबर-1 एशले बार्टी ने शनिवार को यहां चेक गणराज्य की आठवीं वरीयता प्राप्त कैरोलिना प्लिस्कोवा को तीन सेटों में 6-3, 6-7 (4), 6-3 से हराकर विंबलडन चैंपियनशिप में महिला एकल का खिताब जीत लिया। पांच साल में महिला एकल में विंबलडन फाइनल में पहुंचने वाली पहली विश्व नंबर-1 बार्टी अब वीनस रोजवाटर डिश को उठाने वाली इवोन गूलागोंग कावले (1980) के बाद पहली ऑस्ट्रेलियाई महिला खिलाड़ी हैं।
Share this content:
पटना : बिहार के प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को नई पहचान देने आ रहा है सैल्यूट तिरंगा…
सीतामढ़ी। जानकी स्टेडियम, डुमरा में रविवार को सीतामढ़ी जिला भारोत्तोलन संघ का 2026–2030 सत्र के…
पटना : बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से सीनियर रणजी टीम की तैयारियों को लेकर…
पटना। शहर के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलने जा…
कानपुर 21 अगस्त: ग्रीनपार्क स्टेडियम एक बार फिर क्रिकेट के रोमांच से सराबोर होने जा…
पटना: बिहार क्रिकेट संघ (बीसीए) माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करेगा।…